डूब जाता हु में तेरी याद में इस तरह
घनघोर बादलो में छिपा हे पानी जिस तरह
मोहब्बत किसी कि गुलाम नही सिरफिरे
वो आती केवल खुदा-ए-रहमत कि तरह
गिर्राज..शर्मा.गगन.
घनघोर बादलो में छिपा हे पानी जिस तरह
मोहब्बत किसी कि गुलाम नही सिरफिरे
वो आती केवल खुदा-ए-रहमत कि तरह
गिर्राज..शर्मा.गगन.

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