Powered By Blogger

Thursday, June 14, 2012

नेताओ की जेब में बेठे ठेकेदार
चुनाव जितने के लिए करते हे तैयार 
यारो रहना सम्हल कर करना अब वार 
लोकतंत्र का राज अब करना हे तैयार 

गिर्राज..शर्मा.गगन.
जान अगर जान हमारी तुम न होती 
क्या पता क्या हमारी शक्शियत न होती 
अपनी ही जिंदगी के हम न राही होते
किसी और के दिल की बात हम कर रहे होते..
आपकी तो बात ही कुछ अलग हे जाने मन
क्या पता कल हमारे साथ ये बात होती न होती

गिर्राज..किशोर..शर्मा..
>>>>>>>>>गगन.>>>>>>
एक नजर हमारी और भी देख लिया करो
कुछ हमारे बारे में भी कह दिया करो 
हम तुम्हारे दीदार को खुदा की इबादत मानते
कभी तुम भी अपने खुदा से,
हमारे जैसी चाहत मांग लिए करो 

गिर्राज.किशोर शर्मा
>>>>>गगन.>>>>>>> —
मौत को कोन मात दे पाया हे 
कोन झील मै से मोती ला पाया हे
करना हो तो करो कोशिस एक मुस्कान की
दुःख के सिवा आजतक कोई दे क्या पाया हे

गिर्राज.
लबो तक आते आते बात भूल जाता हु
तुमसे कुछ कहना हे ख्याल भूल जाता हु
सामने होता हु खुद को भूल जाता हु
करना हे इकरार कैसे करू में 
हर बार यंही आकर में रुक जाता हु
जिंदगी में तुम्हे न्योछावर कर जाता हु
हर बार यही बात सामने आकर भूल जाता हु.

गिर्राज..
आज तक उनका अहसास मिटा नही हे
उनसे खास कुछ भी मिला नही हे
हमारे दिल का एक हिस्सा आज भी उनका हे
उस हिस्से को आज भी हमने छुआ नही हे 

गिर्राज..किशोर..शर्मा.
श्योपुर./...
कुछ बाते आज भी छुपा रखी हे हमने
कुछ शरारते आज भी सजा रखी हे हमने
कभी आती हे आपकी याद हमें तो.
तो उन बातो का भी संसार सजा रखा हे हमने 

गिर्राज.किशोर.शर्मा.
श्योपुर/

Meri Kriti

घड़ी घडी आवे थारी याद मने, काई कउ तोसे मारा यार घने 
कामी तू सतावे मने यार सने, प्यार करू तोसे नरो बार हने 
एक बात कउ तोसे सुन ले रे, अस्यो न होवे जज्बात हने 
नजरो का तीर चलावे घने, थोड़ो मारा बारा में भी सोच जने 

गिर्राज.किशोर.शर्मा.
श्योपुर.

Wednesday, June 6, 2012

तुम्हारा क्या गया जो तुम रोते हो 
तुम क्या रोटी साथ लाये थे, क्या ये मकान साथ लाये थे
क्या साथ लाये थे जो चला गया जो मिला यही से मिला
जो दिया यही पर दिया, 
भगवन की भक्ति मै राम जाओ बड़ी बचे दिन भी सुधर जायेंगे वर्रना ये 
दिन भी रोने मै जायेंगे

आपका हृदय पुंज
आपकी अंतरात्मा 
आपका मस्तक चिंतन
"दोस्तों के शहर में...."
कुछ इस तरह ,खुद को सजा दी हमने।
दोस्तों के शहर में "अजनबी" बनकर जिया हमने।
मुस्कराते रहे लब ,अश्कों को पिया हमने ।
तन्हा ही यह सफ़र तय किया हमने ।
दिल मै ऐसा जस्बा रखो 
कदमो मै रास्ता रखो 
आसाँ हो हर मंजिल आपकी 
कुछ ऐसा दिल मै अरमाँ रखो 

गिर्राज किशोर शर्मा 
मो.09617226588
उस नजरबंद इन्सान ने इश्वर से पूछा
की तुम मुझे अकेला क्यों नही छोड़ते 

तो इश्वर कहते हे तू मेरी भक्ति को शक्ति मानता हे 
और मै तेरी भक्ति को अपनी शक्ति मानता हू 

श्री राधेश्याम
माँ .....!
जब तू पैदा Huwa कितना मजबूर
था
ये जहान तेरी Sonch से भी बेदर्द
था ...
हाथ Paaon भी टैब तेरे Apney
ना Thay
तेरी अंखों में दुनिया के
Sapney ना Thay ...
तुझ को आता सिर्फ रोना ही था
दूध Pi के Kaam तेरा सोना हाय
था ...
तुझ को Chalna Sikhaya था मां
फंट तेरी
तुझ को दिल में Basaya था मां
फंट तेरी ...
मां के Saaye में Parwaan.
Chadne लगा
वक्त के साथ QAD तेरा Badne
लगा ...
Dhirey Dhirey तू Kadiyal जवान हो
गया
तुझ पे सारा जहाँ Meharban हो
गया.
जोर - ए - Bazoo पे तू बात करने
लगा
Khud हाय Sajney लगा Khud
Sanwarney लगा ...
एक दिन एक लड़की तुझे Bhaa Gayei
प्रतिबंध के दुल्हन वो तेरे घर
Agayei ...
अब Faraayez से तू दरवाजा Honay
लगा
बीज नफरत का Khud हाय तू बोनी
लगा ...
फिर तू मां बाप को भी
Bhulaaney लगा
तीर बैटन के फिर तू Chalaney
लगा ...
बात बात Unn से तू Ladney
लगा
Qayda एक नया तू फिर PaDnay
लगा ...
याद कर तुझ से मां ने कह एक
शोर
एबीबी Humara गुज़ारा नहीं तेरे
बिन ...
सनई के ये बात तू Tayesh में
Agaya
तेरा गुस्सा तेरी Aqal को खा गया ...
जोश में Aake तू ने ये मां से
कह
मुख्य था खामोश सब Dekhta हाय
राहा ...
आज Kehta हूं Peecha मेरा चोर
करना
जो है रिश्ता मेरा, तुम से वो
टॉड क्या ...
जाओ जा के कहीं Kaam Dhanda करो
मरते हैं तुम भी कहीं जा प्रवेश करें
मारो ...
चारा कर Aahen भारती थी मां रात
भर
Inki Aahon का तुझ पर Howa ना
असर ...
एक दिन बाप तेरा चला Rooth कार
कैसे Bikhri थी फिर तेरी मां टूट
कर ...
फिर वो भी बस कल को Bhulati
राही
जिंदगी Isko हर रोज़ Satati राही ...
एक दिन मौत को भी Taras Agaya
Iska रोना भी तक़दीर को BHA
गया.
Ashk अंखों मुख्य Thay वो
Rawana Huwi
मौत की एक Hichki बहाना Huwi ...
एक Sukoon हमें के चेहरे पे
Chaaney लगा
फिर तू Mayyat को उसकी Sajaney,
लगा ...
Muddatain हो गई आज Booddha
हैं तू
Tooti Khatiya पे पाडा बोरा हैं
तू ...
तेरे Bacche भी एबीबी तुझ से
Dartey नहीं
Nafraten हैं, वो मुहब्बत
Kartey नहीं ...
दर्द में तू Pukare हे के "मेरी
मां "
तेरे बांध एसई HI दोनों रोशन
जहाँ ...
वक्त चलता Rahta हैं वक्त Rukta,
नहीं
हार्न जाता है वो जो के झुकता
नहीं ...
Bann के इबरत का तू एबीबी Nishaan
रह गया
Dhoondh अब जोर तेरा कहाँ रह
गया.
तू AHKAAM ई रब्बी Bhulata राहा
अपने मान - बाप को टीयू SATATA
राहा ...
Kaat ले तू वही, तू ने बोया था
जो
तुझ को कैसे Miley तू ने खोया
था जो ...
याद कर के गया दौर, तू परनाला
लगा
कल जो तू ने किया आज फिर सान
लगा ...
मौत माँगे तुझे मौत आती
नहीं
मां की सूरत Nigahon से जाति नहीं ...
तू जो Khanse तू औलाद Daantey,
तुझे
तू हैं नासूर सुख कौन Baantey
तुझे ...
मौत Ayegi तुझ को मगर वक्त
सममूल्य
Bann हाय जाये सैनिक Qabar तेरी वक्त
संसद ...
QADAR माँ बाप की GAR कोई जान
ले
अपनी जन्नत को दुनिया मुख्य
पहचान ले ...
और Leyta रहे वो बदायूं की
दुआ
उसी के दोनों जहाँ, उसका Haami
खुदा ...
याद रखना उसके aulaad बात
को
भूल जना ना रहमत की बरसात
क्या कमी थी मेरी बंदगी में, जो तुने मुझे तनहा कर दिया
एक साथ की तलाश में तुने मुझे, बेपरवाह बना दिया
क्या करता में जो तुने मुझे अकेला छोड़ दिया,
पर अकेले में भी तुने मुझे अपने सपनो से जोड़ दिया .
एक नजर हमारी और भी देख लिया करो
कुछ हमारे बारे में भी कह दिया करो 
हम तुम्हारे दीदार को खुदा की इबादत मानते
कभी तुम भी अपने खुदा से,
हमारे जैसी चाहत मांग लिए करो 

गिर्राज.किशोर शर्मा
>>>>>गगन.>>>>>>> —
जान अगर जान हमारी तुम न होती 
क्या पता क्या हमारी शक्शियत न होती 
अपनी ही जिंदगी के हम न राही होते
किसी और के दिल की बात हम कर रहे होते..
आपकी तो बात ही कुछ अलग हे जाने मन
क्या पता कल हमारे साथ ये बात होती न होती

गिर्राज..किशोर..शर्मा..
>>>>>>>>>गगन.>>>>>>
मौत को कोन मात दे पाया हे 
कोन झील मै से मोती ला पाया हे
करना हो तो करो कोशिस एक मुस्कान की
दुःख के सिवा आजतक कोई दे क्या पाया हे

गिर्राज.