उस नजरबंद इन्सान ने इश्वर से पूछा
की तुम मुझे अकेला क्यों नही छोड़ते
तो इश्वर कहते हे तू मेरी भक्ति को शक्ति मानता हे
और मै तेरी भक्ति को अपनी शक्ति मानता हू
श्री राधेश्याम
की तुम मुझे अकेला क्यों नही छोड़ते
तो इश्वर कहते हे तू मेरी भक्ति को शक्ति मानता हे
और मै तेरी भक्ति को अपनी शक्ति मानता हू
श्री राधेश्याम

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