जान अगर जान हमारी तुम न होती
क्या पता क्या हमारी शक्शियत न होती
अपनी ही जिंदगी के हम न राही होते
किसी और के दिल की बात हम कर रहे होते..
आपकी तो बात ही कुछ अलग हे जाने मन
क्या पता कल हमारे साथ ये बात होती न होती
गिर्राज..किशोर..शर्मा..
>>>>>>>>>गगन.>>>>>>
क्या पता क्या हमारी शक्शियत न होती
अपनी ही जिंदगी के हम न राही होते
किसी और के दिल की बात हम कर रहे होते..
आपकी तो बात ही कुछ अलग हे जाने मन
क्या पता कल हमारे साथ ये बात होती न होती
गिर्राज..किशोर..शर्मा..
>>>>>>>>>गगन.>>>>>>

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