Powered By Blogger

Wednesday, June 6, 2012

जान अगर जान हमारी तुम न होती 
क्या पता क्या हमारी शक्शियत न होती 
अपनी ही जिंदगी के हम न राही होते
किसी और के दिल की बात हम कर रहे होते..
आपकी तो बात ही कुछ अलग हे जाने मन
क्या पता कल हमारे साथ ये बात होती न होती

गिर्राज..किशोर..शर्मा..
>>>>>>>>>गगन.>>>>>>

No comments: