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Thursday, January 3, 2013

टक्कर अक्सर

किसी मोड़ पर हो जाती है टक्कर अक्सर
में भी रुक जाता हु वो भी रुक जाता है अक्सर 

बातो से कम इशारो से ही हो जाता हे बक्सर 
इसलिए कभी वो तो कभी में निकल जाता हूँ हंसकर 

किसी मोड .....

साथ में अगर हो कोई, तो बन जाता है दुष्कर 
बाद में अंतिम निर्णय करते हे, निकल चलो यंहा से बचकर 

किसी मोड़,....

एक दिन घटी छोटी दुर्घटना,
टेंशन में उसको आ गया चक्कर

मेरा भी हो गया ब्लड प्रेशर हाई
कैसे लाऊ इसको दिखाने डाक्टर

बड़ी मुश्किल से माना एक झोलाछाप
इलाज के लिए उसे ले आया बना डाक्टर

जैसे तैसे हो गई ठीक, जान में आ गई जान
छोड़ आ आया उसको में खा के 10 चक्कर

अब नही होती वो टक्कर, सोचता हूँ में ये अक्सर।।

गिर्राज।किशोर।शर्मा।गगन।
मो,,096172265588

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