Powered By Blogger

Thursday, January 3, 2013

पतझड़

पतझड़ 

किस पेड़ की छाल लिखूं किस पेड़ की डाल लिखूं 
पूरा पतझड़ निपट गया, बिन फल कैसे बहार लिखूं 

जिन पेड़ो की छाया में अपना बचपन बिताया था 
कैसे इनको बेकार लिखूं में कैसे इनको बेकार लिखूं 

कितने झूलें खाए मेने, कितने सारे खाए आम 
अब खिलाफ कैसे उनके में अपने आरोप लिखूं 

प्यार करो इन पेड़ो से ये अपने जीवन आधार
बेहतर जीवन जी पाओगे,इनका सानिध्य है अपार

किस पेड़ की छाल लिखूं किस पेड़ की डाल लिखूं
पूरा पतझड़ निपट गया, बिन फल कैसे बहार लिखूं

गिर्राज।किशोर।शर्मा।गगन।
मो।09617226588

No comments: